Not known Facts About +1 647 510 2650
* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें।
पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।
तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।
* काली के पूजक पर काले जादू, टोने-टोटकों का प्रभाव नहीं पड़ता।
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
* लंबे समय से चली आ रही बीमारी दूर हो जाती हैं।
देवी की कृपा से जीवन से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
घट check here स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
When the worship means of Gupt Navratri is done with complete devotion, restraint, and secrecy, then it may don't just take the seeker to spiritual heights. Nonetheless it might also provide Vijayshri by liberating him from a lot of troubles of everyday living. In order to know more about the Gupt Navratri puja vidhi, then talk with astrologers.
कलश के मुख पर आम या अशोक के पत्ते लगाएं।
छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।